25 सालों में दोगुनी हो जाएगी शहरी आबादी : मुखर्जी
मुखर्जी ने यह बात कनफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के दसवें राष्ट्रीय अधिवेशन में कही।
अभी भारत में कुल लगभग 30 करोड़ आबादी शहरों में रहती है, जो अमेरिका की जनसंख्या के बराबर है। इसके बावजूद भारत में जहां सिर्फ 28 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है, वहीं पूरी दुनिया में औसत रूप से 50 फीसदी आबादी शहरों में रहती है। वित्तमंत्री ने कहा कि लेकिन तेज आर्थिक विकास के कारण इसमें बदलाव होगा।
मुखर्जी ने गुरुवार को इस सम्मेलन में कहा कि अभी भारत में एक लाख से अधिक आबादी वाले 393 शहर हैं और 50,000 से अधिक आबादी वाले छोटे शहरों की संख्या 400 है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण से जहां कई समस्याएं खड़ी हो रही हैं वहीं विकास के कई अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शहरों में सबके लिए घर की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। और सभी के अपने घर के सपने को सरकार अकेले पूरा नहीं कर सकती है। इसमें निजी डेवलपर को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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