विकिलीक्स खुलासा : हिरासत में प्रताड़ना पर रेडक्रास का टिप्पणी से इंकार (लीड-1)
उधर, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को मानवाधिकार के उल्लंघन पर विकिलीक्स के खुलासे पर टिप्पणी करने से इंकार किया।
वहीं, समाचार पत्र 'गार्जियन' द्वारा शुक्रवार को विकिलीक्स द्वारा किए गए ताजे खुलासे में बताया गया है कि आतंकवादी संगठन अल कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन ने कहा था कि वह जिहादियों को 'धन की कमी नहीं होने देगा।'
भारत में आईसीआरसी के प्रवक्ता अलेक्सीस हीब ने अपने बयान में यहां कहा, "विकिलीक्स द्वारा किए गए खुलासे पर आईसीआरसी अपने को टिप्पणी करने से दूर रखेगी। क्योंकि यह नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास और वाशिंगटन डीसी के बीच का आंतरिक संवाद है।"
आईसीआरसी ने कहा कि वह इस मामले को गंभीरतापूर्वक देख रही है क्योंकि खुलासे की घटनाएं वर्ष 2005 के पहले की हैं।
समाचार पत्र, 'गार्जियन' ने शुक्रवार को कहा कि संदेशों में बताया गया है कि आईसीआरसी ने 2005 में दिल्ली स्थित अमेरिकी राजनयिकों को, कश्मीर में हिरासत में रखे गए सैकड़ों लोगों को बिजली का करंट लगाने, उनकी पिटाई करने और यौन उत्पीड़न किए जाने के बारे में बताया था।
दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से अप्रैल 2005 में भेजे गए एक संदेश में कहा गया था कि आईसीआरसी, भारत सरकार से निराश हो गया था, क्योंकि भारत सरकार ने हिरासत में रखे गए लोगों के साथ दुर्व्यवहार रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया।
दूतावास ने अपने संदेश में कहा था कि आईसीआरसी ने यह निष्कर्ष निकाला था कि भारत प्रताड़ना की अनदेखी करता था और प्रताड़ना के शिकार नागरिक और आतंकी नियमित रूप से मारे जा रहे थे।
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को श्रीनगर में कहा कि उनकी सरकार प्रताड़ना को नजरअंदाज नहीं करती। उमर ने राज्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में विकिलीक्स द्वारा किए गए खुलासे पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
उमर ने नवम्बर 2002 से अगस्त 2008 तक राज्य में सत्तारूढ़ रही पीपुल डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कांग्रेस गठबंधन सरकार का जिक्र करते हुए कहा, "मैं इस मामले में नहीं पड़ना चाहता.. यह 2005 का मामला है और आप जानते हैं कि उस समय राज्य में किसकी सरकार थी।"
उमर ने कहा, "हम प्रताड़ना को नजरअंदाज नहीं करते। हमने ऐसा न तो कभी किया है और न तो कभी करेंगे।" उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवाद के 20 साल के इतिहास में उनकी पहली ऐसी सरकार है, जिसने एमनेस्टी इंटरनेशनल को राज्य का दौरा करने की अनुमति दी।
वहीं, विकिलीक्स द्वारा जारी अमेरिकी गोपनीय राजनयिक संदेशों के मुताबिक आतंकवादी संगठन अल कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन ने कथित रूप से जम्मू एवं कश्मीर में लड़ने वाले जिहादियों को अपने समर्थन का वादा किया था। उसने कहा था कि वह जिहादियों को 'धन की कमी नहीं होने देगा।'
समाचार पत्र 'गार्जियन' ने शुक्रवार को यहां विकिलीक्स द्वारा किए गए ताजे खुलासे को प्रकाशित किया है। इसके अनुसार भारतीय सुरक्षा अधिकारियों ने अमेरिकी राजनयिकों के साथ हुई बैठक में कहा था कि भारत अल कायदा के राडार पर प्रमुखता से नजर बनाए हुए है।
अमेरिकी अधिकारियों के साथ एक बैठक में संयुक्त सचिव (मंत्रिमंडल सचिवालय) शरद कुमार ने कहा कि भारतीय खुफिया अधिकारियों के पास अमेरिका में 9/11 को हुए हमले के पहले ओसामा बिन लादेन और तालिबान सरगना मुल्ला उमर के बीच हुई बैठक का लिखित प्रमाण है।
इस बैठक में दोनों ने जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद पर चर्चा की थी।
कुमार ने कहा कि ओसामा ने कश्मीर में चलने वाले आतंकवाद के लिए "दो करोड़ डॉलर देने की इच्छा जताई।" ओसामा ने कश्मीरी जेहादियों को अपने संदेश में कहा था, "वह उन्हें धन की कमी नहीं होने देगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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