परमाणु दायित्व कानून को स्पष्ट करे भारत : रूस

नई दिल्ली, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव की भारत यात्रा से पहले रूस ने शुक्रवार को कहा कि यह खुशी की बात है कि भारत में अगले कुछ वर्षो के दौरान 14 से 16 परमाणु रिएक्टर बनाए जाएंगे, लेकिन साथ ही कहा कि नई दिल्ली अपने असैन्य परमाणु दायित्व विधेयक को वैश्विक समझौते के संदर्भ में स्पष्ट करे।

मेदवेदेव की सोमवार देर रात से शुरू होने वाली दो दिवसीय भारत यात्रा से पहले रूसी राजदूत एलेक्जेंडर कदाकिन ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हमें अभी तक भारतीय पक्ष से कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला है कि यह किस किस तरह कार्य करेगा। अब तक हम उन समझौतों के आधार पर कार्य कर रहे हैं, जिन पर विधेयक पारित होने से पहले हमने हस्ताक्षर किए थे।"

उन्होंने कहा, "हमें नहीं लगता कि यह कोई बाधा बनेगी। लेकिन हम मानते हैं कि भारत उन अंतर्राष्ट्रीय समझौतों पर दृढ़ रहेगा जिन पर उसने हस्ताक्षर किए हैं, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय समझौते कई बार घरेलू कानून पर प्रभावी हो जाते हैं।"

राजदूत ने रेखांकित किया कि असैन्य परमाणु दायित्व कानून 'असैन्य परमाणु सहयोग बढ़ाने में कोई अड़चन उत्पन्न नहीं करेगा।' उन्होंने कहा कि रूस की भारत में भविष्य में 14 से 16 परमाणु रिएक्टर बनाने की योजना है।

अमेरिका सहित विदेशी आपूर्तिकर्ताओं की चिंता दूर करने के मकसद से भारत ने अक्टूबर में परमाणु क्षति के लिए अनुपूरक क्षतिपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

भारत का परमाणु दायित्व कानून संचालक को 1,500 करोड़ डॉलर तकका जवाबदेह बनाता है और यह संचालक को यह अधिकार देता है कि वह कोई दुर्घटना होने पर आपूर्तिकर्ता से क्षतिपूर्ति की मांग करे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+