कश्मीर सम्बंधी खुलासे पर आईसीआरसी की प्रतिक्रिया जल्द
नई दिल्ली स्थित आईसीआरसी कार्यालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "हम विकिलीक्स के खुलासों के बारे में विवरणों की प्रामाणिकता जांच रहे हैं। हम जेनेवा स्थित अपने उच्च अधिकारियों के सम्पर्क में हैं।"
अधिकारी ने कहा, "हम इस पर जल्द ही कोई प्रतिक्रिया जाहिर करेंगे। हमें कई सारे विवरणों की जांच करनी है, क्योंकि यह घटना 2005 की है।"
ज्ञात हो कि ब्रिटिश समाचार पत्र 'गार्जियन' ने शुक्रवार को खबर प्रकाशित की कि आईसीआरसी ने 2005 में दिल्ली स्थित अमेरिकी राजनयिकों को, कश्मीर में हिरासत में रखे गए सैकड़ों लोगों को बिजली का करंट लगाने, उनकी पिटाई करने और यौन उत्पीड़न किए जाने के बारे में बताया था।
अन्य संदेशों में यह बात सामने आई है कि 2007 में अमेरिकी राजनयिक भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक तौर पर किए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के बारे में चिंतित थे। राजनयिकों ने कहा है कि भारतीय सुरक्षा बलों के लोग अपराध कबूल करवाने के लिए हिरासत में रखे लोगों को प्रताड़ित करते थे।
दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से अप्रैल 2005 में भेजे गए एक संदेश में कहा गया था कि आईसीआरसी, भारत सरकार से निराश हो गया था, क्योंकि भारत सरकार ने हिरासत में रखे गए लोगों के साथ दुर्व्यवहार रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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