गैस पीड़ितों को मुआवजे का वितरण रविवार से
कल्याण आयुक्त कार्यालय के प्रभारी रजिस्ट्रार भारत भूषण श्रीवास्तव ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया है कि जून 2010 में मंत्री समूह ने लगभग 45 हजार पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्णय लेते हुए कुल 740 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी। उसके बाद प्रदेश सरकार की मांग पर 2000 कैंसर पीड़ितों और 1000 गुर्दा पीड़ितों को भी मुआवजा देने पर सहमति बनी। इस तरह मुआवजा के पात्र लोगों की संख्या लगभग 48 हजार है।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों को मुआवजा दिया जाना है उनमें 5295 मृतक श्रेणी, 1703 स्थायी विकलांगता श्रेणी, 42 अत्यंत गम्भीर विकलांगता श्रेणी और 1783 अस्थायी विकलांगता की श्रेणी में है। हादसे के बाद 10 लाख, 29 हजार, 517 लोगों ने मुआवजे के लिए दावा किया था, जिनमें से 574376 लोगों को प्रभावित मानकर दो बार मे कुल 3003 करोड़ रुपये मुआवजे के बतौर बांटे जा चुके हैं। वहीं मंत्री समूह के फैसले के मुताबिक अब यह संख्या घटकर 48 हजार रह गई है।
श्रीवास्तव ने आगे बताया है कि शाहजहानाबाद में दावा अदालतें स्थापित की गई हैं। जहां गैस पीड़ितों के दावों का निपटारा कर शेष राशि का भुगतान किया जाएगा। यह भुगतान बैंक के माध्यम से किया जाएगा। पक्षकारों को हिदायत दी गई है कि वे दलालों व बिचौलियों के चक्कर में न पड़ें। पक्षकारों के लिए कल्याण आयुक्त के कार्यालय व शाहजहानाबाद में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि जिन पक्षकारों को नोटिस भेजे गए हैं, उन्हें तय तारीख को दावा अदालत में पुराने दस्तावेज, बैंक पासबुक और पहचान पत्र लेकर पहुंचना होगा। दस्तावेज का परीक्षण होते ही मुआवजे की राशि उनके खाते में पहुंच जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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