टूट गया हीरो, होंडा का 26 सालों का साथ
हीरो समूह भारतीय कम्पनी में होंडा की 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगा।
दोनों कम्पनियों में हुए समझौते के मुताबिक होंडा को दी जाने वाली रॉयल्टी जनवरी के बाद धीरे-धीरे घटती जाएगी। दोनों कम्पनियों ने हालांकि अधिक जानकारी देने से इंकार किया है।
हीरो समूह के पवन मुंजाल ने अलगाव की औपचारिक घोषणा के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समय बदल गया है। बाजार बदल गया है। सोच बदल गई है। कम्पनी सीमाओं के पार जाना चाहती है। यह वह सब करना चाहती है, जो इससे उम्मीद नहीं की जाती है।
होंडा मोटर कम्पनी के प्रबंध निदेशक फुमिहिको इके ने कहा कि हमारा साझा उपक्रम समाप्त हो जाएगा। होंडा मौजूदा उत्पादों का उत्पादन और विपणन जारी रखने के लिए और नए उत्पादों के लिए लाइसेंस देगी।
घोषणा शेयर बाजार के बंद होने के बाद हुई। गुरुवार को हीरो होंडा के शेयरों में तीन फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई। लेकिन होंडा को अधिक रॉयल्टी की आशंका के बीच पिछले एक सप्ताह में इसके शेयरों में नौ फीसदी की गिरावट हुई है।
हीरो समूह की स्थापना 50 साल पहले 1956 हुई थी। तब इसने साइकिल के पुर्जे के कारोबार से काम शुरू किया था। आज हीरो समूह का 3.5 अरब डॉलर का कारोबार है और यह दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया वाहन निर्माता है।
हीरो समूह ने अब तक हीरो साइकिल, रॉकमैन साइकिल, हीरो मैजेस्टिक मोपेड, हीरो पुक, 50-65 सीसी बाइक और हीरो होंडा के अनेक मॉडल बनाए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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