अर्ध तिमाही मौद्रिक समीक्षा : एसएलआर 1 प्रतिशत घटा, अन्य दर अपरिवर्तित (लीड-1)
अन्य सभी प्रमुख दरों को यथावत रखते हुए बैंक ने चालू वित्त वर्ष में विकास दर 8.5 फीसदी रहने के अपने अनुमान को कायम रखा है।
आरबीआई ने रेपो दर को 6.25 फीसदी और रिवर्स रेपो दर को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है। नकद आरक्षित अनुपात को भी छह फीसदी पर अपरिवर्तित रखा गया है।
बैंक ने एसएलआर को 100 आधार अंक घटाकर 24 प्रतिशत कर दिया है। वाणिज्यिक बैंकों द्वारा अपने पास अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखी जाने वाली नकदी, स्वर्ण और सरकारी बांड की राशि को एसएलआर कहा जाता है।
इसके अलावा आरबीआई ने कहा कि वह 48,000 करोड़ रुपये(10 अरब डॉलर) की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा।
आरबीआई ने अपनी समीक्षा में कहा है कि 29 नवम्बर को जारी दूसरी तिमाही समीक्षा के बाद से अब तक वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अमेरिका में सुधार की गति धीमी और बेरोजगारी की दर उच्च बनी हुई है, हालांकि हाल के कुछ आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है और सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
बैंक ने कहा कि महंगाई की दर में कमी आई है यद्यपि घरेलू मांग और वैश्विक बाजार में कमोडिटी की उच्च कीमतों के कारण मुद्रास्फीति का दबाव अब भी कायम है। बैंक ने खाद्यान्न महंगाई दर में कमी की गति को धीमा करार देते हुए भविष्य में महंगाई दर में कमी आने को लेकर आशंका जाहिर की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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