वेन ने ड्रैगन और हाथी के सिद्धांत को खारिज किया (लीड-1)
भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए चीनी प्रधानमंत्री ने यहां आईटीसी मौर्या होटल में भारत के प्रतिनिधि कारोबारी संगठनों द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि दोनों देश आपसी सहयोग के लिए साझीदार हैं, एक दूसरे के प्रतिस्पद्र्धी नहीं हैं।
दोनों देशों के कारोबारी दिग्गजों के बीच उन्होंने सम्मेलन में कहा कि हम अनेक क्षेत्रों में एक दूसरे को सहयोग कर सकते हैं और दुनिया में दोनों देशों के लिए विकास के अनेक अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि चीन को ड्रैगन की और भारत को हाथी की उपमा दिया जाना उचित नहीं है।
इस सम्मेलन का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने मिलकर किया था।
इसके अलावा चीन और भारत के बीच बढ़ते द्विपक्षीय व्यापारिक असंतुलन पर भारत की चिंता को दूर करते हुए वेन जियाबाओ ने कहा कि वे चीन में भारतीय निर्यातकों के लिए अवसर बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय कारोबारी सूचना प्रौद्योगिकी, फार्माश्यूटिकल उत्पाद और कृषि उत्पादों के क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।
दोनों देशों के बीच इस कारोबारी साल में 60 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार होने की संभावना है।
द्विपक्षीय व्यापारिक असंतुलन 2002 में जहां चीन के पक्ष में सिर्फ एक अरब डॉलर था, वहीं इसके इस साल 24 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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