भारत और चीन चिरकालिक मित्र : जियाबाओ
राजधानी के टैगोर इंटरनेशनल स्कूल में मैंडरिन, चीनी संस्कृति और हस्तलिपि पर छात्रों से प्रधानमंत्री ने खुलकर बात की।
छात्र इकाई के अध्यक्ष अभिषेक सांस्कृतिक ने कहा, "दोनों देशों की मित्रता पर प्रधानमंत्री का रुख काफी सकारात्मक दिखा।" छात्रों ने उनसे भारत के प्रति चीन के नजरिए सहित दोनों देशों से जुड़े कई सवाल पूछे।
सांस्कृतिक ने बताया, "उनके जवाब से दो उभरती शक्तियों भारत और चीन के बीच मित्रता का संदेश मिला।"
स्कूल की प्रधानाचार्य मधुलिका सेन ने कहा, "हम राजनीति से जुड़े सवाल नहीं करना चाहते थे। बातचीत करते समय वह छात्रों के साथ सहजता से पेश आए और उन्होंने टैगोर के बारे में ज्यादा बातें कीं।"
स्कूल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शंघाई स्थित जिनयुआन स्कूल के साथ हस्तशिल्प और योग की कक्षाएं चला रहा है।
नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की चीन में लोकप्रियता को देखते हुए जियाबाओ का कार्यक्रम स्कूल में रखा गया।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पहले ही घोषणा कर चुका है कि अगले वर्ष से कक्षा छह से अपने स्कूलों में एक विदेशी भाषा के रूप में मैंडरिन को पढ़ाए जाने की उसकी योजना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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