राडिया, राजा और रिश्तेदारों पर गिरी सीबीआई की गाज (राउंडअप)

सीबीआई ने छापेमारी का यह अभियान सुबह साढ़े सात बजे से आरंभ किया और इस दौरान नई दिल्ली, नोएडा, चेन्नई और तमिलनाडु के कई स्थानों सहित कुल 34 स्थानों पर छापेमारी की। सीबीआई की ओर से यह दावा किया गया कि इस छापेमारी के दौरान उसके हाथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं।

देश में अब तक के सबसे बड़े पैमाने हुए इस घोटाले की जांच के लिए सीबीआई ने राडिया और भारतीय दूरसंचार प्राधिकरण (टीआरएआई) के पूर्व प्रमुख प्रदीप बैजल से भी पूछताछ की।

सीबीआई द्वारा कुल 34 स्थानों पर की गई छापेमारी में से 27 स्थान ऐसे हैं जो राजा के गृह प्रदेश तमिलनाडु में है और उनसे जुड़े हैं। इनमें राजा के भाई ए. रामानाथन के चेन्नई व त्रिची स्थित ठिकाने, अरियालूर में उनके एक अन्य भाई, त्रिची में ही एक बहन, तमिल पत्रिका के एक सम्पादक, राजा के गांव स्थित उनके आवास और एक लेखा परीक्षक के यहां भी छापेमारी की गई।

इन छापों पर अब तक न तो राजा ने और न उनकी पार्टी डीएमके ने ही कोई प्रतिक्रिया दी है लेकिन कनिमोझी ने आईएएनएस से कहा कि उन्हें चेन्नई स्थित स्वयंसेवी संगठन तमिल मैहम के कार्यालय पर छापे की कोई जानकारी नहीं है। कनिमोझी इस संगठन के 10 निदेशकों में से एक हैं।

कनिमोझी ने कहा, "मुझे इन छापों की कोई जानकारी नहीं है। मुझे सीबीआई के छापों के बारे में कुछ भी नहीं कहना है।"

सीबीआई की उप महानिरीक्षक विनीता ठाकुर ने नई दिल्ली में शाम के वक्त कहा कि कुछ स्थानों पर अभी भी छापे की कार्रवाई जारी है। यह अभियान विवादास्पद 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन से सम्बंधित हैं, जब राजा मंत्री थे।

ठाकुर ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "सीबीआई ने कई आवासीय, आधिकारिक और कम्पनियों के परिसरों तथा उनके निदेशकों के अलावा बैजल के ठिकानों पर छापे मारे। गत आठ दिसम्बर को की गई छापेमारी की ही यह कड़ी है।"

उन्होंने कहा, "तमिलनाडु, नोएडा और दिल्ली में कुछ 34 स्थानों पर छापेमारी हुई और इसमें दोषी ठहराए जाने योग्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।"

बहरहाल, चेन्नई में सीबीआई अधिकारियों ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

सीबीआई के इन छापों में जितने भी लोगों को निशान बनाया गया, वे राजा के बेहद करीबी हैं। तमिल टाइगर्स और राजा के करीबी माने जाने वाले श्रीलंकाई तमिल और तमिल मैहम के प्रबंध न्यासी जेगथ गोसपार राज के घर पर भी छापा पड़ा। इस स्वयंसेवी संगठन की स्थापना जुलाई 2002 में की गई थी।

राज के चेन्नई स्थित गुडविल कम्युनिकेशन में भी छापेमारी की गई।

इस घोटाले के केंद्र में राजा और राडिया हैं। सरकार द्वारा टेप की गई राडिया की टेलीफोन बातचीत लीक होने पर इस बात का खुलासा हुआ कि राजा को मंत्री बनाने के लिए राडिया उद्योगपतियों और पत्रकारों के साथ लाबिंग कर रही थीं।

सीबीआई अधिकारियों ने दक्षिण दिल्ली स्थित राडिया के सैनिक फार्म हाउस के अलावा शहर के मध्य में बाराखम्भा रोड स्थित उनके कार्यालय में पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक राडिया से लगभग पांच घंटे पूछताछ की गई।

सीबीआई के अधिकारियों ने प्रवर्तन निदेशालय से मिली सूचनाओं के आधार पर की गई कार्रवाई में बैजल के नोएडा स्थित मकान पर भी छापा मारा। बैजल सेवानिवृत्ति के बाद राडिया की जनसंपर्क कम्पनी के निदेशक हैं।

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेता राजा ने 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन बाजार दर से कम भाव पर करने के आरोप लगने पर पिछले महीने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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