5 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति देगी सरकार : पवार

राजधानी में चीनी मिल संघों के 76वीं आम बैठक को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि सरकार चीनी उद्योग की कठिनाइयों से अवगत है और वह इस उद्योग को बढ़ाने में भरपूर सहयोग करेगी न कि नियामक की भूमिका निभाएगी।

इससे पहले चीनी मिल संघ के अध्यक्ष विवेक सरायोगी ने गन्ने के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के कारण चीनी मीलों पर बढ़े दबाव के संदर्भ में सरकार से गन्ना खरीद नीति की समीक्षा करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गन्ना का समर्थन मूल्य तय किया है, लेकिन राज्यों ने सलाह कीमत तय की है जिस कारण केंद्र सरकार द्वारा तय कीमत का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

उन्होंने कहा कि आज प्रति किलो चीनी के उत्पादन में 38 रुपये खर्च हो रहे हैं जो कि बाजार मूल्य से काफी अधिक है। ऐसे में चीनी उद्योग के सामने आर्थिक चुनौतियां पैदा हो गई हैं।

उन्होंने चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने के संदर्भ में कहा कि केंद्र सरकार जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सस्ती चीनी लोगों को मुहैया कराने के लिए चीनी मीलों से काफी कम दर पर चीनी की खरीद करती है, जबकि सरकार पीडीएस के तहत वितरित की जाने वाली अन्य चीजों की खरीद बाजार भाव से करती है।

सरायोगी ने चालू वित्त वर्ष में चीनी का उत्पादन 255 लाख टन होने का अनुमान जताया, साथ ही कहा कि घरेलू बाजार में चीनी की खपत करीब 225 लाख टन रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष चीनी मिलों के पास करीब 50 लाख टन चीनी का भंडार पहले से मौजूद था। ऐसे में सरकार को चीनी के निर्यात पर लगी रोक हटाते हुए अतिरिक्त चीनी के निर्यात की अनुमति देनी चाहिए।

इस पर शरद पवार ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में 5 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देगी और चीनी उद्योग से जुड़े सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखेगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+