'कांग्रेस व डीएमके के बीच तत्काल अलगाव नहीं होगा'
चेन्नई, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। पूर्व संचार मंत्री ए.राजा और द्रविण मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सांसद कनिमोझी से सम्बंधित लोगों के यहां 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बुधवार को मारे गए छापों से कांग्रेस और डीएमके के बीच तत्काल अलगाव नहीं होगा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इस तरह का मत व्यक्त किया है।
ज्ञात हो कि कांग्रेस और डीएमके के बीच केंद्र व राज्य में गठबंधन है।
राजनीतिक टिप्पणीकार चाओ रामास्वामी ने आईएएनएस को बताया, "दोनों पार्टियां उस समय अलग होंगी, जब सीबीआई डीएमके प्रमुख (एम.करुणानिधि) के पारिवारिक सदस्यों के यहां छापे मारेगी। उस समय तक दोनों दलों के बीच गठबंधन बरकरार रहेगा।"
रामास्वामी ने कहा, "अभी केवल करुणानिधि के पारिवारिक सदस्यों के करीबी लोगों के आवासों पर सीबीआई ने छापे मारे हैं।"
ज्ञात हो कि सीबीआई ने तमिलनाडु में करुणानिधि की पत्नी व राज्यसभा सदस्य कनिमोझी की मां, राजाथी अमाल के लेखाकार के आवास की तलाशी ली है। राजा की बहन और भाई तथा राजा के करीबी पत्रकार ए.कामराज के आवासों की भी तलाशी ली गई है।
सीबीआई ने कनिमोझी से सम्बंधित गैर सरकारी संगठन, तमिल मैयम के कार्यालय की भी यहां तलाशी ली है। इस संस्था का संचालन श्रीलंकाई तमिल नागरिक, जगथ गसपार राज द्वारा किया जाता है। राज तमिल लड़ाकों और राजा के करीबी रहे हैं। जुलाई 2002 में स्थापित हुई इस संस्था में राजा प्रबंध ट्रस्टी हैं।
आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के एक नेता ने आईएएनएस से कहा, "हमने सोचा था कि राजा के आवास पर पिछले सप्ताह सीबीआई का छापा सर्वोच्च न्यायालय के दबाव में महज एक दिखावा था।"
एआईएडीएमके नेता ने कहा, "लेकिन आज के छापे उससे अलग हैं, क्योंकि अलग तरह के लोगों के आवासों पर छापे मारे गए हैं। इसकी अंतिम परिणति कांग्रेस और डीएमके के बीच अलगाव के रूप में होगी।"
एआईएडीएमके नेता के अनुसार डीएमके के बारे में लोगों की धारणाएं बदल गई हैं, क्योंकि लोगों को घोटाले की गम्भीरता के बारे में पता चल गया है और यह भी कि घोटाले में लाभार्थी डीएमके पार्टी रही है।
रामास्वामी ने कहा कि यदि दोनों दलों के बीच अलगाव की स्थिति बनती है तो औपचारिक अलगाव अगले वर्ष विधानसभा चुनाव से पूर्व होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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