एक स्कूल जो सुधरे हुए अपराधियों को दे रहा है पनाह..
मुर्शिदाबाद, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। बच्चों को पढ़ाने और अपने पश्चिम बंगाल स्थित गांव के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना देखने वाली 55 वर्षीय शबनम रामास्वामी ने अपने इस ख्वाब को पूरा करने के लिए अनूठा रास्ता चुना। उनके अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में सुधरे हुए अपराधियों के लिए भी नौकरी है।
रामास्वामी ने पांच साल पहले मुर्शिदाबाद जिले के कटना गांव में जागृति पब्लिक स्कूल की शुरुआत की थी। यह इस इलाके का अंग्रेजी माध्यम का दुर्लभ स्कूल है, जो यहां के गरीब ग्रामीण बच्चों को शिक्षा का महान अवसर उपलब्ध करा रहा है।
रामास्वामी ने आईएएनएस को बताया, "मेरा जन्म कटना में हुआ था। मैं हमेशा से बच्चों को पढ़ाने के लिए इस गांव में अंग्रेजी माध्यम के एक स्कूल का सपना देखती थी। मैं चाहती थी कि वे अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करें ताकि वे अपने शहरी साथियों से पीछे न रहें।"
कभी अपराधियों, गरीबी और बेरोजगारी के लिए जाना जाने वाला मुर्शिदाबाद जिले का कटना गांव अब पूर्व अपराधियों को काम देने वाले स्कूल और एक कढ़ाई सहकारी समिति के लिए प्रसिद्ध है। रामास्वामी ही कढ़ाई सहकारी समिति भी चलाती हैं और इसमें 1,400 महिलाएं काम करती हैं।
कोलकाता के ला मार्टिनियर फॉर गर्ल्स की पूर्व छात्रा रामास्वामी कहती हैं, "इन इलाकों में बहुत से अपराधी हैं लेकिन वे जन्म से अपराधी नहीं थे। उन्होंने गरीबी के कारण अपराध को अपनाया था। जब उन्हें स्कूल में नौकरी मिली तो उन्होंने अपराध करना बंद कर दिया।"
उन्होंने बताया, "हमने जो लोग पहले अपराधी थे उन्हें मालियों, रसोइयों और वाहन चालकों की नौकरी दी लेकिन अब वे आपके और मेरे जैसे ही हैं।"
रामास्वामी स्कूल चलाने के लिए धन इकट्ठा करने को इलाके की ही 1,400 से ज्यादा महिलाओं के साथ कटना कढ़ाई सहकारी केंद्र चलाती हैं। इससे होने वाली कमाई स्कूल के विकास कार्यों पर खर्च की जाती है।
स्कूल गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता है। यहां के 460 से ज्यादा छात्रों में से 30 प्रतिशत छात्र इसी तरह के हैं।
जागृति पब्लिक स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का पाठ्यक्रम चलता है और यहां सातवीं तक की कक्षाएं लगती हैं। वर्ष 2005 में जब स्कूल की शुरुआत हुई थी, उस समय यहां केवल कक्षा दो तक की ही पढ़ाई होती थी।
रामास्वामी ने बताया कि अगले साल स्कूल आठवीं कक्षा तक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें अगले साल तक सीबीएसई से सम्बद्धता मिलने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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