सरकारी वेबसाइटों के लिए सुरक्षा प्रमाणपत्र अनिवार्य : पायलट
बैठक का आयोजन विशेष रूप से वेबसाइटों और साइबर स्पेस की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों की समीक्षा करने के लिये किया गया था। पायलट ने बताया कि 2005 के 1.7 लाख वेबसाइटों के मुकाबले इस समय इनकी संख्या बढ़कर करीब एक करोड़ तक पहुंच चुकी है। इसलिये केन्द्र और राज्यों के मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के लिये यह जरूरी हो गया है कि वे साइबर सुरक्षा दिशा-निर्देशों पर कड़ाई से ध्यान दें।
इंडियन कम्प्यूटर इमर्जेन्सी रेस्पस (सीईआरटी-इन) ने वेबसाइटों पर हमले से निपटने के लिये व्यापक निर्देश जारी किए हैं। यह तय किया गया है कि मंत्रालयों और विभागों की सभी वेबसाइटों का अंकेक्षण उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा के संदर्भ में किया जाए।
वेबसाइटों की डिजाइन और सुरक्षा के बारे में पायलट ने कहा कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) ने जो दिशा-निर्देश और वेब सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किये हैं, उनका पालन सभी मंत्रालयों और विभागों को करना चाहिए। सीईआरटी-इन ने आईटी संगठनों की संरचनाओं के अंकेक्षण के लिये 50 आईटी सुरक्षा अंकेक्षकों (अडिटर्स) की सूची तैयार की है।
मंत्रालयों और विभागों को भी नियमित रूप से अपनी-अपनी वेबसाइटों की जांच करते रहने को कहा गया है। एनआईसी को भी सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरा करने के बाद ही वेबसाइट होस्ट करने को कहा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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