अमेरिकी कंपनी को भाया डीआरडीओ का विस्फोटक खोजी उपकरण

डीआरडीओ की पुणे स्थित उच्च ऊर्जा पदार्थ शोध प्रयोगशाला (एचईएमआरएल) में विकसित यह उपकरण एक विशेष बक्से में बंद होता है। इसके चार विशेष अभिकारक विस्फोटकों की मौजूदगी और उनकी मात्रा का पता लगाते हैं। पीईटीएन, ब्लैक पाउडर, डाइनामाइट, नाइट्रो कार्बन, एनजी,सीई, अकार्बनिक माइट्रेट, टीएनटी, आरडीएक्स और एचएमएक्स पर आधारित प्लास्टिक विस्फोटकों का भी पता इस उपकरण के जरिए लगाया जा सकता है। यह आसानी से कहीं भी लाया व ले जाया जा सकता है।

विस्फोट के बाद भी यह उपकरण जांच के लिए काफी उपयोगी है। इसमें मौजूद अभिकारक विस्फोटक पदार्थो के साथ मिश्रित होने के बाद कुछ विशेष रंग देते हैं। प्रकाश के रमण प्रभाव सिद्घांत के आधार पर इससे जांच की जा सकती है।

उपकरण के एक सेट की कीमत पांच हजार रुपये रखी गयी है। नोएडा स्थित कंपनी विंटेज इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी साल्यूशंस, डीआरडीओ से तकनीक पाकर इसका व्यावसायिक उत्पादन कर रही है। सेना, अर्द्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर, असम, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु जैसे राज्यों की पुलिस के बम निरोधक दस्ते इसका प्रयोग कर रहे हैं।

अमेरिकी कंपनी जल्द ही डीआरडीओ से इस उपकरण के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली है। एचएमईआरएल की वैज्ञानिक रेणु राय ने कहा, अमेरिकी कंपनियों के अपने खोजी उपकरण हैं लेकिन उनमें कुछ कमियां हैं। उदहारण के लिए उनके पुष्टि परीक्षणों का अभाव है। वे द्रव की जगह परीक्षक पत्रों का प्रयोग करती हैं, जो टिकाऊ नहीं होता है, यह भी एक कमजोरी है।

एचएमईआरएल के वैज्ञानिक अब एरोसोल आधारित खोजी उपकरण विकसित करने में जुटे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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