चरणबद्ध तरीके से लागू हो सकता है जीएसटी : प्रणब
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ओर से आयोजित एक सम्मेलन में मुखर्जी ने कहा, "राज्य सरकार की चिताओं को दूर करने और आम सहमति कायम करने के लिए हमने अपनी स्थिति में संशोधन किया है।"
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार जीएसटी को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के बारे में सोच रही है। पहले के प्रावधानों से हटते हुए और अस्थाई उपाय के तौर पर हम एक दोहरी दर संरचना अपनाने के इच्छुक हैं। इससे आदर्श जीएसटी व्यवस्था आएगी।"
वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य की चिंताओं को गंभीरता से लिया है। वह प्रस्तावित कर सुधारों को लागू करने के लिए एक आम सहमति बनाने का प्रयास करेंगे।
उल्लेखनीय है कि सरकार देश भर में अप्रत्यक्ष कर ढांचे में एकरूपता कायम करने के लिए जीएसटी लागू करना चाहती है। यह कर व्यवस्था मूल्य वर्धित कर, उत्पाद शुल्क और सेवा कर की जगह लेगी।
मुखर्जी ने कहा कि मार्च, 2011 तक मुद्रास्फीति घटकर छह प्रतिशत पर आ जाने की उम्मीद है।
कराधान प्रणाली की कुशलता एवं साख में सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी से कर संग्रहण में सुधार आएगा एवं भारत की आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा। यह न केवल वस्तुओं और सेवाओं की कर व्यवस्था की जटिलताओं और अपारदर्शिता को दूर करेगा, बल्कि उपभोक्ता हितैषी उत्पाद मूल्यनिर्धारण को बढ़ावा देगा। इससे आम आदमी लाभान्वित होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों और संघशासित क्षेत्रों के वाणिज्य कर प्रशासन के कम्प्यूटरीकरण के लिए मिशन वाली परियोजना शुरू की है, ताकि जीएसटी व्यवस्थित एवं नियोजित तरीके से लागू किया जाए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जीएसटी प्रशासन के लिए उपयुक्त आईटी तंत्र के डिजायन को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा नंदन नीलकेणि की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति देश में कर प्रशासन को और कुशल बनाने के लिए अत्याधुनिक आईटी मंच प्रदान करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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