भाजपा नेताओं ने करकरे पर किया था शक : दिग्विजय
सिंह ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मेरे पास झूठ बोलने की न तो कोई वजह है और न ही मैंने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं क्योंकि यह स्पष्ट है कि 26/11 की घटना में पाकिस्तानी आतंकवादी शामिल थे। मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि भाजपा दोहरे मापदंड अपनाने की कला में निपुण है।"
उन्होंने कहा, "मैं जानना चाहता हूं कि क्यों आडवाणी और राजनाथ सिंह ने करकरे की निष्ठा पर सवाल उठाए थे जबकि वह हिन्दू और मुसलमान आतंकवादियों को गिरफ्तार कर रहे थे। आडवाणी और राजनाथ को करकरे की निष्ठा पर संदेह करने का कोई हक नहीं था। इससे करकरे हतोत्साहित हुए थे।"
ज्ञात हो कि दिग्विजय ने इससे पहले यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि हत्या से कुछ घंटे पहले ही उनकी करकरे से बात हुई थी।
इस बयान के बाद दिग्विजय को भाजपा के हमलों का सामना कर पड़ रहा है। भाजपा ने उनसे कहा था कि यदि उनकी करकरे से बात हुई तो वह सबूत पेश करें।
दिग्विजय ने इस सम्बंध में कहा, "मुझे बीएसएनएल के अधिकारियों ने बताया है कि उनके पास केवल एक ही साल के काल रिकार्ड उपलब्ध रहते हैं। इसके बावजूद मैंने दूरसंचार मंत्रालय से काल रिकार्ड्स निकलवाने के लिए आग्रह किया है।"
उन्होंने कहा कि उन्होंने जो भी बयान दिया है, वह उस पर अडिग हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications