सांसदों, विधायकों को आवंटित भूमि के खिलाफ याचिका खारिज
याचिका में जनहित का मामला न दिखाई देने पर न्यायालय ने यह फैसला किया है।
याचिका में राज्य सरकार के इस आवास योजना पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि राजधानी के विभिन्न इलाकों में संसद और विधायिका के सदस्यों को आवंटित भूमि जरूरतमंद लोगों में वितरित की जानी चाहिए।
याचिकाकर्ता मौलीन बारोत ने आरोप लगाया है कि कई सांसद और विधायकों ने भूमि को बेचकर आवंटन के नियमों का उल्लंघन किया है।
इसके अलावा याचिकाकर्ता ने न्यायालय से मांग की है कि वह भूखंडों के बेचे जाने और हस्तांतरण के ब्योरे को सार्वजनिक करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दे।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले इसी तरह की याचिका न्यायाधीश एस.जे. मुखोपाध्याय और न्यायाधीश अनंत दवे की पीठ के समक्ष दायर की गई थी, लेकिन उचित प्रारूप में न होने के कारण इसे वापस ले लिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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