अनुचित गोलबंदी पर लगे रोक : खुर्शीद
दूसरे 'भारत कॉरपोरेट सप्ताह' के उद्घाटन समारोह में खुर्शीद ने पत्रकारों से कहा कि जहां तक गोलबंदी और जनसंपर्क की बात है, तो यह लोकतंत्र का एक अंग है। लेकिन उसके अनुचित प्रयोग या कॉरपोरेट सुशासन को तहस-नहस करने की कोशिशों पर निश्चित रूप से ध्यान देना चाहिए।
गौरतलब है कि पत्रकारों के हाथ लगे नीरा राडिया की बातचीत के टेप से राजनेताओं, कारोबारियों और मीडियाकर्मियों के साथ उनके संबंधों का खुलासा हुआ।
अमेरिका जैसे कुछ पश्चिमी देशों में तो गोलबंदी एक बड़ा और स्थापित उद्योग है, लेकिन भारत में इसे कानूनी दर्जा नहीं मिला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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