स्पेक्ट्रम घोटाले पर अब सड़क पर उतरेगा राजग (लीड-1)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राजग की ओर से यहां बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में इस रैली को आयोजित किए जाने की घोषणा की।
राजग ने यह संवाददाता सम्मेलन इस बात की घोषणा करने के लिए ही बुलाया था कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराए जाने के लिए राजग का संघर्ष जारी रहेगा।
आडवाणी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से साबित हो गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने कैबिनेट की गतिविधियों से ही अनभिज्ञ हैं।
आडवाणी ने कहा, "अब हमें पता चला है कि प्रधानमंत्री यहां तक कि अपने कैबिनेट में घट रही कई घटनाओं से ही वाकिफ नहीं हैं।"
उन्होंने कहा कि नीरा राडिया की फोन वार्ता लीक होने के बाद इस बात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं कि मंत्रालयों के बंटवारे और गठन में कौन से लोग शामिल हैं।
आडवाणी ने मनमोहन सिंह द्वारा मंगलवार सुबह दिए गए उस बयान पर भी प्रतिक्रिया जाहिर की, जिसमें उन्होंने कहा था कि टेप की गई फोन वार्ताओं को सरकारी सांस्थानिक ढाचे के बाहर लीक होने से रोकने के लिए सरकार, प्रौद्योगिकी आधारित उपाय अपनाने पर विचार करेगी।
आडवाणी ने सवाल किया, "क्या इन मामलों को लेकर प्रधानमंत्री को चिंतित होना चाहिए।"
कर्नाटक में करोड़ों रुपये के भू-आंवटन घोटाले में मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा की संलिप्तता के सवाल पर आडवाणी ने कहा कि इस मामले से प्रभावी तरीके से निपटा जा रहा है।
आडवाणी ने कहा, "पार्टी ने कर्नाटक की घटना को संज्ञान में लिया है और उसके साथ प्रभावी तरीके से निपटा जाएगा।"
ज्ञात हो कि येदियुरप्पा ने बेंगलुरू में और उसके आसपास के इलाकों में अपने रिश्तेदारों को प्रमुख भूखंड आवंटित करने में कथित रूप से पक्षपात किया था। इस कारण उन पर इस्तीफे का भारी दबाव बना था। लेकिन पार्टी ने अंतत: उन्हें कुर्सी पर बनाए रखने का निर्णय लिया।
आडवाणी ने कहा, "मैं कर्नाटक में अपनी खुद की विश्वसनीयता को लेकर चिंतित हूं। मामले से निपटा जा रहा है और प्रभावी तरीके से निपटा जाएगा।"
आडवाणी ने मध्यावधि चुनाव के मुद्दे पर कहा कि संसद में गतिरोध पैदा होने के बाद सांसदों में भय पैदा करने के लिए जानबूझ कर मध्यावधि चुनाव की बात फैलाई गई।
आडवाणी ने कहा, "यह केवल भय पैदा करने के लिए है। सांसदों को डराने और विपक्षी एकता को तोड़ने के लिए है।"
भाजपा नेता ने कहा, "मध्यावधि चुनाव की बात आधिकारिक तौर पर मंत्रियों की ओर से आई है, जिनके नाम मैं नहीं लेना चाहता। उन्हें पता हैं कि अभी डेढ़ साल पहले ही चुनाव हुए हैं। पांच साल के लिए निर्वाचित हुआ कोई सांसद भला अपना बाकी कार्यकाल क्यों खलल में डालना चाहेगा।"
आडवाणी ने कहा कि राजग ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव इसलिए नहीं लाया, क्योंकि गैर राजग विपक्षी सदस्यों से समर्थन मिलने की सम्भावना नहीं थी।
ज्ञात हो कि संसद का पूरा शीतकालीन सत्र, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराए जाने की विपक्ष की मांग की भेट चढ़ गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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