नेपाली संसद का विशेष सत्र रविवार से
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। नेपाल में रविवार से संसद का विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है। इस विशेष सत्र की मांग माओवादियों ने की थी। उन्होंने इसके लिए बाकायदा अभियान चलाया और उन्हें इसमें सफलता मिली है। वर्ष 2009 में सत्ताच्युत होने के बाद माओवादियों की यह पहली सार्वजनिक जीत है।
नेपाली संसद 19 नवम्बर से स्थगित है। संसद में 19 नवम्बर को माओवादियों ने वित्त मंत्री सुरेंद्र पांडे पर हमला कर उन्हें बजट पेश करने से रोकने की कोशिश की थी लेकिन अब रविवार से संसद का एक विशेष सत्र बुलाया गया गया है।
वकीलों ने राष्ट्रपति राम बरन यादव को विशेष सत्र घोषित करने की सलाह दी है। यद्यपि कार्यवाहक प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल इसके खिलाफ थे।
विशेष सत्र बुलाए जाने को लेकर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब माओवादियों ने विशेष सत्र बुलाए जाने के लिए एक अभियान शुरू किया और मौजूदा 599 सांसदों में से लगभग 200 सांसदों ने इससे सम्बंधित आवेदन पर हस्ताक्षर कर दिया।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल को इस्तीफा दिए महीनों बीत चुका है, लेकिन नेपाली संसद नया प्रधानमंत्री नहीं चुन पाई है। अबतक हुए 16 दौर के चुनाव बेकार साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री पद के लिए 17वें दौर का चुनाव होना बाकी है।
दरअसल, यह नेपाली कानून का तकाजा है कि जब तक प्रधानमंत्री का कोई उम्मीदवार संसद में सामान्य बहुमत हासिल नहीं कर लेता, तब तक चुनावी प्रक्रिया जारी रहेगी।
अब अगले सप्ताह शुरू होने वाले विशेष सत्र में माओवादी व कम्युनिस्ट, सदन और सरकार पर इस बात के लिए दबाव बनाएंगे कि वे चुनाव के किसी नए रूप पर सहमत हो जाएं।
ज्ञात हो कि नेपाल की कार्यवाहक सरकार देश के खराब सुरक्षा हालात, मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी व शांति प्रक्रिया अवरुद्ध होने की चुनौतियों से जूझ रही हैं।
सरकार माओवादियों की गुरिल्ला सेना को भंग कर पाने में विफल साबित हुई है। यह विफलता मई 2011 में तैयार होने वाले नए संविधान के रास्ते में रोड़ा अटका सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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