सुपर-30 से प्रभावित हैं हॉलीवुड निर्देशक के जेम्स कैमरन
महाराष्ट्र के लावासा में आयोजित नवाचार एवं ज्ञान सम्मेलन में कुमार की मुलाकात कैमरन से हुई। कुमार ने आईएएनएस को बताया, "कैमरन ने मुझसे कहा कि आपकी उम्मीदों से भरपूर जीवंत कहानियां सुनना बहुत आश्चर्यजनक अनुभव है। वह इससे काफी प्रभावित थे।"
कुमार के सुपर-30 संस्थान से कई गरीब छात्रों को प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश लेने में मदद मिली है।
कुमार ने कहा कि कैमरन ने उनके प्रयासों की सराहना की और पटना का दौरा करने का वादा किया। कैमरन ने 'टाइटेनिक', 'टर्मिनेटर', 'एलियन्स' और 'अवतार' जैसी फिल्मों का निर्माण किया है। ये सभी कालजयी फिल्में मानी जाती हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी, मनोरंजन, डिजाइन (टीईडी) संगठन के सहयोग से 'हिल सिटी ऑफ लवासा' में यह सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में कुमार ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि मुझ जैसे एक शिक्षक को यहां जानी-मानी हस्तियों के बीच बोलने का अवसर दिया गया। उन्होंने कहा, "यह मेरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है, जहां मैंने अपने संस्थान की शुरूआत की।"
कुमार ने कहा कि उन्होंने सम्मेलन में बिहार के कुछ युवा प्रतिभाशाली गरीब छात्रों के आईआईटी में प्रवेश तक के सफर की कहानियां सुनाईं। कुमार ने कहा कि श्रोताओं से इन विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए काफी सराहना मिली।
उन्होंने कहा, "जब मैंने एक ऐसे विद्यार्थी की कहानी बताई जो अपनी अत्यंत गरीबी के कारण पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष कर रहा था और बाद में वह उम्मीद का अग्रदूत बन गया तब उन्होंने तालियां बजाईं।"
"यह एक शांत सामाजिक क्रांति है जिसने कई परिवारों की किस्मत बदल दी, लेकिन यह सिर्फ एक छोटा सा प्रयास है।" उन्होंने कहा कि मेरा सपना गरीब से गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलने का था।
कुमार स्वयं कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में दाखिला लेना चाहते थे लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए क्योंकि उनके पास इसके लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। अब वह अपने संस्थान के सभी 30 बच्चों को पूर्ण छात्रवृत्ति देते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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