जनवरी तक पूरी हो जाएगी कश्मीर हिंसा की जांच
घाटी में अशांति के दौरान हुई मौतों की जांच के लिए जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने अगस्त में दो सदस्यीय आयोग का गठन किया था। आयोग में सेवानिवृत्त न्यायाधीश बशीरुद्दीन व सेवानिवृत्त न्यायाधीश वाई.पी. नारगोत्रा शामिल हैं।
वैसे तो आयोग को दो महीने के अंदर ही अपनी रिपोर्ट पेश करनी थी लेकिन उसने कुछ और समय बढ़ाने की मांग की थी। बशीरुद्दीन ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि इस महीने के आखिर में आयोग रिपोर्ट सौंप सकता है।
जिन 17 मौतों की जांच के लिए आयोग का गठन हुआ है उनमें से सात मौतें दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में, सात मौतें उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले और तीन मौतें श्रीनगर जिले में हुई थीं।
नागरिकों की मौतों के लिए जिम्मेदार स्थितियों और सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के सम्बंध में जानकारी इकट्ठी करने के लिए श्रीनगर, बारामूला, सोपोर और अनंतनाग में सुनवाइयां हुईं थीं।
आयोग ने मृतकों के परिवार वालों के अलावा, पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
कश्मीर घाटी में 11 जून से शुरू हुई अशांति के पांच महीनों के दौरान अनियंत्रित भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ों में 110 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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