फोन टेपिंग को लेकर उद्योग जगत की घबराहट से वाकिफ हूं : प्रधानमंत्री (लीड-1)
नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि वह फोन टेपिंग के मामले को लेकर उद्योग जगत में पैदा हुई घबराहट से वाकिफ हैं। इसके साथ ही उन्होंने कैबिनेट सचिव के.एम.चंद्रशेखर से कहा कि वह इस मामले की जांच करें और एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपें।
मनमोहन सिंह ने यहां आयोजित 'इंडिया कॉरपोरेट वीक' के उद्घाटन सत्र में कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा की हिफाजत और कर चोरी व आर्थिक धांधली रोकने के लिए सरकारी प्राधिकरणों को दिए गए फोन टेपिंग के अधिकार से उद्योग जगत में पैदा हुई घबराहट से मैं वाकिफ हूं।"
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब टाटा समूह के अध्यक्ष, रतन टाटा ने कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया के साथ फोन पर हुई अपनी बातचीत को लीक होने को लेकर चिंता व्यक्त की है।
सिंह ने कहा, "जहां एक तरफ इन अधिकारों की आवश्यकता है, वहीं इन अधिकारों को बहुत ही सावधानी के साथ, निर्धारित नियमों, प्रक्रियाओं के तहत उपयोग करने की जरूरत है, ताकि इन अधिकारों का दुरुपयोग न हो।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "पहले से मौजूद कानूनी तंत्र को, अधिक प्रभावी प्रवर्तन के लिए सख्त होना चाहिए। मैं कैबिनेट सचिव से कह रहा हूं कि वह इन मुद्दों की जांच करें और अगले एक महीने के भीतर कैबिनेट को अपनी रिपोर्ट सौंप दें।"
सर्वोच्च न्यायालय में सरकार की ओर से दायर एक हलफनामे के अनुसार प्रारम्भ में राडिया के फोन इस तरह की शिकायत मिलने के बाद टेप किए गए थे कि वह कथितरूप से एक विदेशी खुफिया एजेंसी की एजेंट हैं और उन्होंने मात्र नौ वर्षो के भीतर 300 करोड़ रुपये बना लिए थे।
हलफनामे में कहा गया है कि बाद में जब कुछ बातचीत को, दूरसंचार कम्पनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन से सम्बंधित मामले में संवेदनशील पाया गया तो फोन टेपिंग का दायरा और अवधि बढ़ा दिया गया।
आज नतीजा यह है कि विपक्ष, स्पेक्ट्रम आवंटन को एक बड़ा घोटाला बता रहा है। विपक्ष ने इस घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराए जाने की मांग को लेकर संसद के पूरे शीतकालीन सत्र को नहीं चलने दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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