करुणानिधि ने राष्ट्रगान मुद्दे पर की श्रीलंका की निंदा
इस सम्बंध में छपी खबरों का हवाला देते हुए करूणानिधि ने एक बयान जारी कर कहा, "यदि ये खबरें सत्य हैं तो इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी कदम से श्रीलंकाई तमिलों की भावना को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में राष्ट्रगान दो भाषाओं में इसलिए है क्योंकि वहां सिंहली और तमिल लोग रहते हैं।
श्रीलंका मंत्रिमंडल ने बुधवार को सिर्फ सिंहला भाषा में राष्ट्रगान गाए या बजाए जाने को मंजूरी दी थी। मंत्रिमंडल के इस निर्णय से देश के कुछ हिस्सों में सरकारी व आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान तमिल भाषा में गाए जाने पर रोक लग जाएगी।
वर्तमान में देश के उत्तरी और पूर्वी भागों को छोड़कर सभी भागों में राष्ट्रगान सिंहला भाषा में गाया जाता है जबकि उत्तरी और पूर्वी इलाकों में तमिल लोगों की बहुलता के चलते यह तमिल में गाया जाता है।
इंडो-एशियन नयूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications