संसद का हंगामा एक दुखदायी अनुभव : मीरा कुमार
मीरा कुमार इससे इतनी क्षुब्ध हुईं कि उन्होंने सत्र की समाप्ति पर सदन में पारम्परिक रूप से दिया जाने वाला विदाई भाषण देना स्वीकार नहीं किया।
इसके बदले उन्होंने सिर्फ नियमानुसार राष्ट्रगान से ही सत्र को अनिश्चितकाल के लिए अस्थगित कर दिया।
मीरा कुमार ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि वह संसदीय कार्यवाही के बाधित होने से अत्यंत क्षुब्ध हैं और उम्मीद करती है कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि संसद मतभेदों को दूर करने का मंत्र है और संसद के पास इसके लिए कई व्यवस्थाएं हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि जनता की आस्था लोकतंत्र में अक्षुण्ण रहे। बर्बाद हुए समय को जनहित के बेहतर काम में लगाया जा सकता था।
सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए अस्थगित कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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