शीतकालीन सत्र में हंगामे की भेंट चढ़ गए 171 करोड़ रुपये
सत्र के प्रत्येक दिन की कार्यवाही पर 7.8 करोड़ रुपये का खर्च आता है। इस आधार पर देखा जाए तो 22 दिनों में देश को 171 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ क्योंकि पूरे सत्र के दौरान कार्यवाही ही नहीं हुई।
गौरतलब है कि विपक्षी सांसदों द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और अन्य भ्रष्टाचार सम्बंधी मामलों की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराए जाने की मांग पर अड़ने और सत्ता पक्ष के द्वारा इसे खारिज करने के कारण हर दिन संसद की कार्यवाही को होती रही।
सत्र के पहले दिन को छोड़ दिया जाए तो किसी भी अन्य दिन सदन की कार्यवाही पूरे समय तक नहीं चली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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