व्यापार असंतुलन की भारतीय चिंता पर चीन का मरहम
इसके अलावा चीन ने भारत में चीनी बैंकों के संचालन की मंशा भी जाहिर की।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्श एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित विशेषज्ञों की एक वार्ता में चीन के राजदूत झांग यान ने कहा कि चीन का दूसरे देशों के साथ व्यापार में अधिक निर्यात करने का कोई इरादा नहीं रहता है और यह भविष्य के लिए अच्व्छा भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि व्यापार का असंतुलन समाप्त करने के लिए और 60 अरब डॉलर के द्विपक्षीय निर्यात का लक्ष्य हासिल करने के लिए पर्यटन, निवेश, आदि कई क्षेत्रों में व्यापार को फैलाना होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय बैंक जहां भारत से बाहर काम कर रहे हैं, वहीं चीन का एक भी बैंक भारत में काम नहीं कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में चीन के वाणिज्यिक और औद्योगिक बैंकों को काम करने की जल्द अनुमति मिलेगी।
चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबो तीन दिवसीय यात्रा पर बुधवार को भारत आ रहे हैं। उनके साथ सौदे की तलाश में 400 कारोबारी प्रमुखों का एक प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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