संसद हमला : शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि (लीड-2)
संसद मेंशीतकालीन सत्र के दौरान जारी रहे गतिरोध के बावजूद सभी दलों ने आतंकवाद के मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए शहीद हुए नौ सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आतंकी हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मंत्रियों तथा अन्य सांसदों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर गणमान्य व्यक्तियों ने दो मिनट का मौन रखकर आतंकी हमले में मारे गए सुरक्षाकर्मियों को याद किया।
आडवाणी ने संवाददाताओं से कहा, "सुरक्षाकर्मियों ने संसद पर आतंकी हमले की साजिश को उस समय नाकाम कर दिया था जब कई मंत्री और नेता सदन में उपस्थित थे। यदि आतंकवादी अपने मंसूबों में सफल हो जाते तो यह भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी त्रासदी होती।"
इस मौके पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। भाजपा ने सोमवार को कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह संसद पर हुए आतंकी हमले में मौत की सजा पाए अफजल गुरु को दंडित करने में देरी कर रही है। भाजपा ने सरकार से यह भी पूछा कि आखिर सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है।
शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचीं लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "देश उन लोगों के बारे में जानना चाहता है जो संसद पर हुए आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे। सरकार को उन्हें दंडित करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "जब उच्चतम न्यायालय ने संसद पर हुए आतंकी हमले में शामिल दोषी व्यक्ति को दंडित देने की घोषणा कर दी है, फिर इस मसले पर सरकार चुप क्यों है।"
सुषमा ने कहा, "हम उन लोगों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं जो इस हमले में शहीद हुए थे, लेकिन उन हमलों के दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिली है।" उन्होंने कहा की शहीदों को असली श्रद्धांजलि अफजल गुरु की फांसी ही होगी।
उधर, कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा, "विपक्ष चाहता है कि सरकार उन लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करे, जिसकी हम हिफाजत करना चाहते हैं। देश का हर व्यक्ति चाहता है कि दोषियों को दंडित किया जाए।"
उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह महसूस करना चाहिए कि यह श्रद्धांजलि उन लोगों को दी जा रही है जिन्होंने हमारे देश को बचाया था। इसलिए उनकी श्रद्धांजलि के मौके पर ऐसा नहीं कहा जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 13 दिसम्बर 2001 को हथियारबंद पांच आतंकवादियों ने संसद पर हमला कर दिया था, जिसमें नौ लोग शहीद हो गए थे।
शहीद हुए लोगों में दिल्ली पुलिस के पांच पुलिसकर्मी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान तथा संसद के दो सुरक्षाकर्मी शामिल थे। हमले में घायल एक पत्रकार की भी बाद में मौत हो गई थी। हमले के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने पांचों आतंकवादियों को मार गिराया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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