भारत 20 दिसम्बर को संचार उपग्रह लांच करेगा
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के निदेशक (प्रकाशन एवं जनसम्पर्क) एस.सतीश ने आईएएनएस को बताया, "प्रक्षेपण द्वार 20 दिसम्बर को चार बजे खुलेगा।"
36 ट्रास्पोडरों सहित 2,300 किलोग्राम वजन वाले जीसैट-5पी को लेकर देश का भारी रॉकेट, जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हिकल (जीएसएलवी) श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के दूसरे प्रक्षेपण मंच से अपराह्न् लगभग चार व साढ़े चार बजे के बीच उड़ान भरेगा।
अधिकारियों के अनुसार पूरी तरह तैयार रॉकेट को रविवार सुबह लगभग 7.45 बजे प्रक्षेपण मंच पर स्थापित कर दिया गया है। उपग्रह को पिछले सप्ताह ताप अवरोधक के अंदर स्थापित किया गया था।
इसरो के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि तरल व क्रायोजेनिक ईंधन भरने का काम वास्तविक उड़ान के लगभग 30 घंटे पहले शुरू होगा।
उल्टी गिनती शुरू होने से पूर्व इसरो रॉकेट की विभिन्न प्रणालियों का परीक्षण करेगा। इसकी पूरी प्रणाली का परीक्षण सोमवार (13 दिसम्बर) को पूरा हो जाएगा।
इसरो के अधिकारियों के अनुसार 17 दिसम्बर को प्रक्षेपण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा, लेकिन यह पूर्वाभ्यास बगैर तरल एवं क्रायोजेनिक ईंधन के होगा।
इसरो के एक अधिकारी ने कहा, "रॉकेट की स्थिति से संतुष्ट हो जाने के बाद उड़ान के लिए अंतिम मंजूरी दी जाएगी। उसके बाद रॉकेट को सुसज्जित किया जाएगा यानी सभी पायरो प्रणालियों को बैटरियों से जोड़ा जाएगा, ताकि कमांड देने पर उनमें अग्नि प्रज्वलित हो सके।"
इसरो सम्भवत: नए साल की शुरुआत में भू अवलोकन उपग्रह, रिसोर्ससैट-2 के प्रक्षेपण के साथ कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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