शिवराज आए बैकफुट पर
चैाहान ने रविवार को निर्वाचन आयोग और विधि मंत्रालय द्वारा आयोजित चुनाव सुधारों के लिए क्षेत्रीय विचार-विमर्श कार्यक्रम में राज्यसभा को औचित्यहीन करार देते हुए कहा था कि सदस्यों के चुनाव के चलते विधायक खरीद फरोख्त की मंडी बन जाते हैं। चौहान के इस बयान से राजनीतिक हल्कों में हलचल मच गई थी। इतना ही नहीं चौहान के बयान पर उनकी पार्टी के ही नेता असहमति जताने लगे थे।
बयान पर बढ़ते विवाद के चलते चौहान ने रविवार की देर रात को आनन-फानन में स्पष्टीकरण जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि उनकी चिंता विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा की गरिमा को बनाए रखने को लेकर है, जहां तक राज्यसभा की बात है वह संवैधाानिक संस्था है और उसका वह सम्मान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनके बयान का अन्यथा अर्थ लगाया गया है तो उसके लिए वह क्षमा प्रार्थी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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