भारत और चीन के रिश्ते नाजुक : चीनी राजदूत
भारत में चीनी राजदूत झांग यान ने बुधवार से शुरू हो रहे चीनी प्रधानमंत्री के तीन दिवसीय दौरे के लिए माहौल तैयार करते हुए यहां कहा, "भारत के उदय के बारे में चीन सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है और भारत के उदय को वह एक अवसर के रूप में देखता है।"
लेकिन यान ने यहीं पर चेतावनी भी दी कि दोनों देशों के बीच सम्बंध "नाजुक हैं और आसानी से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।"
मीडिया में आई नकारात्मक खबरों का जिक्र करते हुए यान ने दोनों पक्षों को वाकयुद्ध से बचने की सलाह दी और कहा कि रिश्ते को अच्छी तरह सहेजने की आवश्यकता है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित विशेषज्ञों की एक गोलमेज बैठक में झांग यान ने कहा, "विश्वास के बगैर सच्चा रिश्ता नहीं बन सकता।"
विदेश सचिव निरूपमा राव ने इस अवसर पर भारत-चीन के रिश्ते को 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता बताया। उन्होंने आपसी विश्वास पैदा करने की आवश्यकता पर सहमति जताई और द्विपक्षीय सम्बंधों के गतिशील और विकासशील प्रकृति को रेखांकित किया।
राव ने रिश्ते को आगे ले जाने के लिए दोनों पक्षों को उन्नतिशील, कल्पनाशील और रचनात्मक होने का आह्वान किया और कहा, "आम जनता इस रिश्ते के हृदय के केंद्र में है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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