बुधिया के कोच बिरांची की हत्या के आरोपी दोषी करार
एक सरकारी वकील ने बताया कि भुवनेश्वर की एक त्वरित अदालत ने इस सम्बंध में अपना फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति विवेकानंद दास ने आरोपी राजा आचार्य और उसके सहयोगी अख्या बेहरा को दोषी करार दिया।
सरकारी वकील एस.के. मुंड ने पत्रकारों को बताया कि न्यायाधीश ने कई गवाहों की बात सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। इनमें पांच प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल हैं।
मुंड ने कहा कि न्यायालय 17 दिसम्बर को अपनी सजा का ऐलान करेगा। बिरांची को 13 अप्रैल, 2008 को जूडो हॉल के बाहर गोली मार दी गई थी। घटना के वक्त बिरांची अपने परिजनों और छात्रों के साथ उड़िया नव वर्ष दिवस मना रहे थे।
बेहरा ने 22 अप्रैल को भोपाल में आत्मसमर्पण कर दिया था जबकि अपहरण, हत्या और जबरन वसूली के कई मामलों में आरोपी आचार्य ने मई में गोवा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। दोनों के खिलाफ पुलिस ने अगस्त 2008 में आरोपपत्र दाखिल किया था।
जूडो कोच रहते हुए बिरांची ने छह वर्ष के बुधिया को गोद लिया था और उसे लम्बी दूरी की दौड़ के लिए प्रशिक्षित किया। बिरांची की देखरेख में बुधिया ने 2006 में पुरी और भुवनेश्वर के बीच 65 किलोमीटर की दूरी सात घंटे में दौड़कर पूरी की थी। इसके बाद उसका नाम लिम्का बुक में शामिल किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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