हामिद अंसारी का सांसदों से आत्मचिंतन का आग्रह
शीतकालीन सत्र नौ नवंबर से शुरू हुआ था। पूरे शीतकालीन सत्र में कोई विशेष काम नहीं हो सका।
सदस्यों को विदाई भाषण में अंसारी ने कहा कि सदन के सभी पक्षों से उम्मीद की जाती है कि वे इस पूरे सत्र को देखते हुए असहमति, विरोध, प्रदर्शन और हंगामे के बीच के फर्क पर विचार करेंगे।
अंसारी के इस विदाई भाषण के समय सदन के नेता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे।
शीतकालीन सत्र के बाकी दिनों की तरह सोमवार को भी सदन में प्रश्न सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसद 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे और सदन को स्थगित कर दिया गया।
सदन की कार्यवाही दोबारा 12 बजे शुरू हुई लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामें के कारण सदन को फिर 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो अंसारी ने विदाई भाषण दिया और कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
अंसारी ने कहा कि शीतकालीन सत्र में सिर्फ चार जरूरी विधेयक पास हो सके। कुल मिलाकर पूरे सत्र के 23 दिनों में कार्रवाई दो घंटे 44 मिनट तक ही चल पाई।
राज्यसभा के महासचिव के मुताबिक 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग, राष्ट्रमंडल खेल 2010 के आयोजन में भ्रष्टाचार, मुम्बई का आदर्श सोसायटी घोटाला और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख के. सुदर्शन की कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी पर की गई टिप्पणी के कारण सदन के 100 से अधिक घंटे बर्बाद हुए।
कुल 480 तारांकित प्रश्नों में से सिर्फ एक का जवाब मौखिक रूप से दिया जा सका।
उधर लोकसभा को भी सोमवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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