संसद में गतिरोध के लिए सोनिया ने भाजपा की आलोचना की (लीड-1)
संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन पार्टी के संसदीय दल की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए गांधी ने पूरे शीतकालीन सत्र को अवरुद्ध करने के लिए विपक्ष को, खासतौर से भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और भरोसा दिलाया कि सरकार 2जी स्पेक्ट्रम विवाद के तह तक जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोनिया ने कहा, "विपक्ष ने, खासतौर से मुख्य विपक्षी पार्टी ने जिस तरीके से सत्र के हर दिन व्यवधान पैदा किया, देश के लोग इस पर गम्भीरता से विचार करेंगे, तभी उनके साथ न्याय हो पाएगा।"
गांधी ने कहा, "वर्ष 2004 में जब से भाजपा सत्ता से बाहर हुई है, तभी से उसने यह तरीका अपनाया है। 14वीं लोकसभा के पहले सत्र से लेकर मौजूदा सत्र तक, हर सत्र में कई दिनों तक व्यवधान पैदा किया गया है। लिहाजा जरूरी सरकारी कामकाज को सम्पन्न कराने के लिए एक बड़ा प्रयास जरूरी हो गया है।"
ज्ञात हो कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), वामपंथी पार्टियों व अन्य दलों सहित समूचा विपक्ष, 2008 में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में हुए घोटाले की जेपीसी जांच कराए जाने की मांग कर रहा है। सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार इस घोटाले के कारण राष्ट्रीय खजाने को भारी नुकसान हुआ है।
गांधी ने कहा कि सरकार ने जेपीसी जांच को लेकर पैदा हुए गतिरोध को दूर करने के लिए लोक लेखा समिति (पीएसी) को काम में मदद देने के लिए एक मल्टी डिसीप्लीनरी एजेंसी को जोड़ने का प्रस्ताव रखा, लेकिन विपक्ष ने इसे खारिज कर दिया।
गांधी ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी जांच की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि इस मामले में एक बहुस्तरीय जांच कराई जा रही है।
सोनिया ने कहा, "यह कहना बेकार की बात होगी कि सरकार कुछ छुपा रही है या वह जांच से भाग रही है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि हमारी सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है, हमारी सरकार के लिए डरने जैसा भी कुछ नहीं है।"
संप्रग अध्यक्ष ने कहा, "हमारी चिंता सिर्फ इस बात को लेकर है कि हमें पीएसी और सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) जैसी स्थापित संस्थाओं को कमजोर नहीं करना चाहिए। हमें ऐसा भी कुछ नहीं करना चाहिए जिससे प्रधानमंत्री का पद अपमानित हो। हम राजनीतिक स्वार्थ की वेदी पर इन संस्थाओं की बलि नहीं चढ़ा सकते।"
भ्रष्टाचार पर चिंता जाहिर करते हुए गांधी ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को इस समस्या पर लगाम लगाने के लिए कोई प्रक्रिया तैयार करनी चाहिए।
गांधी ने कहा, "कांग्रेस ने अपनी तरफ से साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार व अनाचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यहां तक कि आरोप और अनाचरण साबित हुए बगैर भी हमने मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को इस्तीफा देने के लिए कहा है।"
भाजपा पर आरोप लगाते हुए गांधी ने कहा कि कर्नाटक में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, लेकिन भाजपा राज्य में अपने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल साबित हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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