गर्भवती महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले बढ़े
समाचार पत्र 'टेलीग्राफ' के मुताबिक 'जर्मन ब्रेस्ट ग्रुप' के अध्ययनकर्ता सिब्ली लोइब्ल के मुताबिक स्तन कैंसर पीड़ित महिलाएं इस बीमारी के लिए किसी भी तरह का इलाज कराएं लेकिन उनके बच्चों में जन्म के समय से ही विकृतियां आने का खतरा बढ़ जाता है।
अध्ययन में 313 गर्भवती महिलाओं में स्तन कैंसर के इलाज का उनके बच्चों पर प्रभाव देखा गया था।
लोइब्ल के मुताबिक जब 2003 में अध्ययन की शुरुआता हुई थी, उस समय गर्भावस्था के दौरान स्तन कैंसर के किसी इलाज की जानकारी नहीं थी।
सात साल तक चले इस अध्ययन में 23 से 47 वर्ष की आयु की महिलाओं में विभिन्न अवस्थाओं में कई तरह के कैंसर देखे गए।
इनमें से 23 प्रतिशत महिलाएं गर्भावस्था की पहली तिमाही, 42 प्रतिशत दूसरी और 36 प्रतिशत तीसरी तिमाही में थीं। उनके इलाज में कीमोथैरेपी सहित कई तकनीकें इस्तेमाल की गईं।
अध्ययन में देखा गया कि दो नवजातों की जन्म के तुरंत बाद मृत्यु हो गई और 29 महिलाएं अपनी गर्भावस्था जारी न रख सकीं। जिन महिलाओं की कीमोथैरेपी नहीं हुई उनके बच्चे अल्पविकसित थे।
ऐसे बच्चों में जन्मजात परेशानियों का खतरा सामान्य बच्चों की तुलना में ज्यादा होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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