नक्सली बंद से लौह अयस्क की ढुलाई प्रभावित
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा की बेलाडिला की पहाड़ियों में एनएमडीसी लिमिटेड की कई खदानें हैं। कम्पनी के वार्षिक लौह अयस्क उत्पादन का 75 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा यहीं से आता है।
वैसे कम्पनी के प्रतिदिन के लौह अयस्क ढुलाई में 30 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है।
एनएमडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "हम दो दिसम्बर से प्रतिदिन केवल 36,000 टन लौह अयस्क की ढुलाई कर पा रहे हैं वैसे सामान्य दिनों में एक दिन में 56,000 टन लौह अयस्क की ढुलाई होती थी। नक्सली गतिविधियों के कारण रात के समय रेलगाड़ियां न चलने से ढुलाई प्रभावित हुई है।"
सूत्रों का कहना है कि लौह अयस्क का उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है लेकिन ढुलाई में कमी के चलते एनएमडीसी को घरेलू इस्पात निर्माताओं को आपूर्ति कम करनी पड़ी है।
प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के आह्वान पर दो दिसम्बर से राज्य के लौह अयस्क बहुल दक्षिणी क्षेत्र में बंद की स्थिति है। अस्सी के दशक के अंतिम वर्षो से यह इलाका नक्सलियों का गढ़ रहा है। पार्टी की सैन्य इकाई 'पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी' (पीएलजीए) की स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर बंद का आह्वान किया गया है।
पुलिस का कहना है कि जंगलों में मिले पर्चो और पोस्टरों के आधार पर इस बंद के दिसम्बर के तीसरे सप्ताह तक जारी रहने का अनुमान है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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