फर्जी सूचनाओं को लेकर पाक मीडिया चिंतित
समाचार पत्र 'डॉन' ने सोमवार को अपने सम्पादकीय में लिखा है कि "चूंकि वास्तविक विकिलीक्स द्वारा किए गए खुलासे पर्याप्त रूप से भूचाल पैदा नहीं कर सके, लिहाजा ऐसा लगता है कि अब कुछ कुटिल दिमाग के लोग सनसनीखेज सूचनाएं उपलब्ध कराकर इस मौके का नाजायज लाभ उठाना चाहते हैं।"
ज्ञात हो कि कुछ पाकिस्तानी अखबरों ने गुरुवार को एक खबर प्रकाशित की थी, जिसमें दावा किया गया था कि बलूचिस्तान और वजीरिस्तान में अस्थिरता पैदा करने में भारत की भूमिका के पर्याप्त सबूत हैं।
सम्पादकीय में लिखा गया है, "पाकिस्तानी लोगों में सुरक्षा और श्रेष्ठता की भावना पैदा करने की कोशिश में, इस खबर ने मामले को इतना गम्भीर रूप दे दिया है, जैसा कि 2008 में हुए मुम्बई हमले ने किया था।"
सम्पादकीय में कहा गया है कि विकिलीक्स द्वारा जारी किए गए गोपनीय अमेरिकी राजनयिक संदेशों के आधार पर प्रकाशित इस खबर के "प्रकाशकों ने बाद में महसूस किया कि यह सुनियोजित खबर हो सकती है।"
डॉन ने लिखा है, "देशभक्ति का हमारा विचार हमें ऐसे समय में भी देशहित को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करता है, जब हमारी ओर से किए गए इस तरह के प्रचार से देश को नुकसान हो सकता है। लिहाजा हमें इस बारे में बिल्कुल सचेत रहना चाहिए कि हम क्या खबर दें और कैसे दें।"
सम्पादकीय में लिखा है, "आज कुछ अखबारों ने भ्रमित होकर सूचना के रूप में झूठी बातें प्रकाशित की हैं। कल अन्य अखबार भी ऐसा कर सकते हैं। मीडिया के लोगों के लिए यह एक चेतावनी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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