अल्ट्रासाउंड स्कैन से जल्द पता चल सकेगा गर्भाशय कैंसर
पूरी तरह स्वस्थ महसूस करने वाली महिलाओं में भी अल्ट्रासाउंड के जरिए कैंसर के ट्यूमर के पहले लक्षण देखे जा सकते हैं।
जर्नल 'लैंसेट ओंकोलॉजी' के मुताबिक 96 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन में देखा गया कि महिलाओं में गर्भाशय कैंसर के रक्तस्राव जैसे लक्षण विकसित होने से काफी पहले ही इस बीमारी की पहचान की यह विधि 80 प्रतिशत तक कारगर है।
लंदन के युनीवर्सिटी कॉलेज के शोधकर्ताओं ने यह विशेष अल्ट्रासाउंड टेस्ट विकसित किया है। इसमें गर्भाशय की मोटाई का पता लगाकर उसकी एक तस्वीर विकसित की जाती है, जिसके आधार पर विशेषज्ञ ट्यूमर का पता लगा सकते हैं।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक शोधकर्ताओं का कहना है कि इस बीमारी के खतरे वाली महिलाओं में इसकी पहचान के लिए जल्दी ही इस विधि के इस्तेमाल की शुरुआत हो जाएगी।
अध्ययनकर्ता इयान जैक्ब्स कहते हैं कि मोटापे की शिकार, कम बच्चों को जन्म देने वालीं या उच्च रक्तचाप की शिकार महिलाओं को स्कैन करा लेना चाहिए। यदि शुरुआती अवस्था में ट्यूमर के फैलने से पहले ही उसका इलाज शुरू हो जाए तो मरीज के जीवित रहने की सम्भावनाएं बढ़ जाती हैं।
शोधकर्ता इस जांच को और प्रभावी बनाने के लिए आगे और अध्ययन करना चाहते हैं। ज्यादातर रजोनिवृत्ति के बाद मतलब 60 से 69 वर्ष की आयु में गर्भाशय कैंसर विकसित होने का खतरा रहता है।
ब्रिटेन में हर साल गर्भाशय कैंसर के 6,000 नए मामले सामने आते हैं। इस बीमारी से हर साल 1,700 महिलाओं की मौत हो जाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications