उड़ीसा का चावल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
कृषि मंत्री दामोदर राउत ने सोमवार को आईएएनएस से कहा, "धान उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में अच्छी फसल होने के कारण हम अब भी अपने वार्षिक लक्ष्य से ज्यादा उत्पादन होने की उम्मीद कर रहे हैं।"
इस साल प्रदेश में 36.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से 63.88 लाख टन चावल का उत्पादन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई हुई थी और उत्पादन 62.93 लाख टन हुआ था।
वैसे सूखे और बेमौसम बारिश ने लाखों रुपये की धान की फसल बर्बाद कर दी है। राउत कहते हैं, "हमें अब भी पिछले साल की तुलना में चावल उत्पादन अधिक होने की उम्मीद है।"
देश के प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्रों में से एक उड़ीसा में इस साल मानसून के दौरान सामान्य बारिश हुई थी लेकिन सरकार का कहना है कि राज्य के 51,551 गांवों में से 10,000 से ज्यादा गांवों में सूखे की स्थिति रही। समय से बारिश न होने से इन गांवों की 50 प्रतिशत फसलें नष्ट हो गई थीं।
दूसरी ओर छह से नौ दिसम्बर के बीच प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की वजह से खेतों में संग्रहित की गई धान की फसलें नष्ट हो गईं।
राज्य सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों से नुकसान का आंकलन कर 15 दिसम्बर तक इस सम्बंध में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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