भोपाल में चुनाव सुधार पर हुई तेज बहस
इस मौके पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस. वाई. कुरैशी ने कहा कि लोकतंत्र के 60 वर्ष बाद भी भारत में चुनाव सुधार की प्रक्रिया जारी है। सुधार के कई प्रस्ताव 15 से 20 वर्षों से लंबित हैं, इन्हें नियत समय में अमल में लाना जरूरी है।
कुरैशी ने कहा कि अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को चुनाव से दूर रखकर इसमें सुधार किया जा सकता है। इसके लिए राजनीतिक दलों को अपनी प्रतिबद्धता दिखानी होगी।
वहीं, केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि चुनाव सुधार किसी दल का नहीं बल्कि राष्ट्रीय एजेंडा है। चुनाव की समस्या की जमीनी हकीकत जानने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। चुनाव पद्धति में सुधार कर भारत के चुनाव को दुनिया के लिए एक आदर्श कायम करना है।
चुनाव सुधार के लिए बनाए गए कोर ग्रुप के अध्यक्ष और भारत सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि राजनेताओं के प्रति कम होते भरोसे को बरकरार रखने के लिए चुनाव सुधार आवश्यक है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव खर्च को कम करने के लिए लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ कराने की वकालत की। उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का चुनाव राष्ट्रपति प्रणााली से कराने पर जोर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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