राम भक्तों ने लिया मंदिर निर्माण का संकल्प
हनुमत शक्ति जागरण समिति द्वारा बुलाई गई धर्मसभा से पूर्व महायज्ञ का आयोजन भी किया गया जिसमें कई वरिष्ठ संतों एवं वेद-विद्यालयों के छात्रों ने आहुतियां दीं।
इस अवसर पर जनसमूह को सम्बोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल ने कहा कि 40 गुणा 90 फुट के छोटे-से भूखंड में भगवान राम का मंदिर नहीं बन सकता, देवस्थान का टुकड़े करना रामलला के साथ नाइंसाफी है।
देश के राजनेताओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि भव्य मंदिर निर्माण के लिए संसदीय कानून बनाया जाए। देश में भाईचारे के लिए मुस्लिम समाज को एक तिहाई जमीन राम मंदिर के लिए सौंप देनी चाहिए। विवादित ढांचे को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बाबरी मस्जिद नाम दिए जाने पर सिंघल ने एतराज जताया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाहक सुरेश सोनी ने कहा कि भगवान राम भारत के रोम-रोम में विराजमान हैं तथा इस राष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक हैं। जो लोग मंदिर और मस्जिद साथ-साथ बनाने की वकालत कर रहे हैं, वे इस विवाद को अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हमेशा के लिए बनाए रखना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि संतों की उच्चाधिकार समिति के निर्णय अनुसार जागरण अभियान के तहत देशभर में इस माह आठ हजार स्थानों पर यज्ञ एवं धर्मसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। राम जन्मभूमि के संदर्भ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के बाद दिल्ली में इस तरह का यह पहला बड़ा कार्यक्रम था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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