निर्यात नियंत्रण कानून को आसान बनाए जर्मनी : भारत
बर्लिन, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को जर्मनी से कहा कि व्यापार के नए दरवाजे खोलने के लिए निर्यात नियंत्रण कानूनों को आसान किया जाए, क्योंकि दोनों देशों ने 2012 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
चांसलर एंजेला मार्केल के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि जर्मनी के साथ भारत का अच्छा रिश्ता है और दोनों देशों के बीच कोई द्विपक्षीय दिक्कतें नहीं हैं।
सिंह ने कहा, "मैं मानता हूं कि हमारी साझेदारी की सीमा अनंत है। हमारे सम्बंधों की यह स्थिति हमारी साझेदारी के लिए चांसलर के निजी दिशानिर्देश के कारण संम्भव हो पाई है। इसके लिए हम बहुत आभारी हैं।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "भारत और जर्मनी के बीच उच्च प्रौद्योगिकी के व्यापार की अपार सम्भावनाएं हैं, और मैंने चांसलर मार्केल से कहा है कि जर्मनी के निर्यात नियंत्रण कानूनों को आसान बनाने से इस तरह के व्यापार के नए द्वार खुलेंगे। इससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।"
मनमोहन सिंह ने कहा कि आर्थिक मंदी के बावजूद "भारत इस बात को लेकर आशान्वित था कि 2012 तक 20 अरब यूरो का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।"
ज्ञात हो कि जर्मनी 27 राष्ट्रों वाले यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा साझेदार है। हाल के वर्षो में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 2008 में 13.4 अरब हो गया था। जनवरी से अगस्त 2010 के दौरान द्विपक्षीय व्यापार बढ़ कर 9.80 अरब यूरो तक पहुंच गया।
मनमोहन सिंह ने कहा कि असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का दरवाजा खोलने, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में समर्थन देने सहित जर्मनी द्वारा मिले लगातार समर्थन को भारत ने बहुत गहराई से महसूस किया है।
सिंह ने कहा, "हमने असैन्य परमाणु ऊर्जा में द्विपक्षीय साझेदारी में प्रवेश की सम्भावनाओं पर चर्चा की है।"
संयुक्त राष्ट्र सुधारों के बारे में सिंह ने कहा कि भारत और जर्मनी 2011 व 2012 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होंगे। उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षा परिषद के प्रभाव में बढ़ोतरी लाने और अपनी सदस्यता को अस्थायी श्रेणी से स्थायी श्रेणी में बदलने हेतु समर्थन जुटाने के लिए जर्मनी के साथ जी-4 में तथा द्विपक्षीय स्तर पर मिल कर काम करेगा।
जर्मनी को यूरोप का आर्थिक केंद्र करार देते हुए सिंह ने कहा कि यह देश यूरोपीय क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता और आर्थिक सुधार सुनिश्चित कराने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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