बहरीन, सऊदी में फंसे युवकों को वापस लाने में जुटा स्वयंसेवी संगठन
जालंधर, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। अपनी किस्मत बदलने का अरमान दिल में लिए पंजाब के 50 युवक विदेश गए थे लेकिन उनके अरमानों पर उस समय पानी फिर गया जब उन्हें जो बहरीन और सऊदी अरब में दयनीय हालात में जिंदगी बिताने और छोटे-मोटे काम करने के लिए विवश होना पड़ा।
पंजाब के 'लोक भलाई पार्टी' (एलबीपी) नाम के एक स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) ने रोजगार की तलाश में विदेश गए उन 50 युवकों को वापस लाने का बीड़ा उठाया है।
एलबीपी के अधिकारियों के अनुसार पिछले एक महीने से बहरीन में 17 युवक फंसे हुए हैं जबकि सऊदी अरब में तीन महीने से 30 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
संगठन शुक्रवार को बहरीन से पांच युवकों को वापस लाने और उन्हें उनके परिवारों से मिलवाने में सफल रहा।
एलबीपी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवतार सिंह मुल्लानपुरी ने आईएएनएस को बताया, "बहरीन में फंसे पांच पंजाबी युवकों ने करीब दो हफ्ते पहले फैक्स भेजकर हमसे संपर्क किया था। हमने चण्डीगढ़ में आव्रजकों के संरक्षक (पीओई) के समक्ष यह मामला उठाया और युवकों को वापस लाने के लिए ट्रैवल एजेंट पर दबाव डाला।"
उन्होंने बताया, "इसके बाद बहरीन की कम्पनी ने पांचों युवकों का पासपोर्ट वापस किया और उन्हें भारत भेजा। उन्होंने हमें अन्य 12 युवकों को भी पांच-पांच और दो के समूह में भेजने का आश्वासन दिया है।"
मुल्लानपुरी ने बताया कि सऊदी अरब भी में 30 पंजाबी युवक फंसे हुए हैं।
उन्होंने कहा, "सऊदी अरब में उनसे जबरन बहुत कम मजदूरी पर काम कराया जा रहा है। हमने इस मामले को विदेश मंत्रालय के सामने उठाया था और हम उन्हें वापस लाने के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।"
बहरीन से लौटने वाले युवकों ने बताया कि ट्रेवल एजेंट ने फर्जी दस्तावेज बनावाकर उनके साथ धोखाधड़ी की थी।
बहरीन से लौटे मल्लारी गांव के रहने वाले जसविंदर सिंह ने बताया, "हम लोग काम करने में कुशल हैं और इससे पहले दुबई सहित अन्य खाड़ी देशों में काम कर चुके हैं। लिखित करार के मुताबिक एजेंट ने उन्हीं कार्यो के लिए हमें आर्कषक तनख्वाह देने को कहा था, लेकिन उसने धोखा दिया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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