भारत-अफ्रीका के रिश्ते परिवर्तनकारी चरण में
अधिकारी ने कहा कि भारत की चुनौती 53 देशों के इस महाद्वीप के साथ राजनीतिक रिश्ते को फलदायी आर्थिक सम्बंधों में बदलने को लेकर है।
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्व व दक्षिण अफ्रीका) गुरजीत सिंह ने कहा, "राजनीतिक सम्बंधों को आधुनिक सक्रिय सम्बंधों में बदलने के लिए एक सफल विदेशी नीति आवश्यक है।"
यहां एशिया पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत और अफ्रीका के रिश्ते परिवर्तनकारी चरण में हैं और आनेवाले वर्षो में यह एक बड़ी चुनौती होगी।
सिंह ने चीन का नाम लिए बगैर कहा, "अफ्रीका में हम जो कर रहे हैं वह, दूसरे देश जो कर रहे हैं, उससे बिल्कुल भिन्न है।" ज्ञात हो कि चीन भारी सहायता और अधोसंरचना निवेश के जरिए अफ्रीका में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है।
सिंह ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच सालाना व्यापार 40 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। लेकिन इस महाद्वीप में भारतीय निवेश के सम्बंध में सहमति नहीं बन पाई है।
उन्होंने कहा, "आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) का कहना है कि अफ्रीका में भारतीय निवेश 11 अरब डॉलर का है, जबकि सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) कहता है कि यह 29 अरब डॉलर का है और यूएनडीपी के अनुसार भारतीय निवेश 106 अरब डॉलर का है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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