भारत सहित चार देशों ने गैस पाइपलाइन समझौते पर हस्ताक्षर किए (लीड-1)
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (टीएपीआई) ने तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गबात में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन समझौते और इस परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान पाकिस्तान, अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति और भारत के पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा मौजूद थे।
इस मौके पर देवड़ा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अब चारों देशों को मूल्य और सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों को हल करना होगा।
तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति गुरबांगुली बर्दीमुखामेदोव ने कहा कि 1,735 किलोमीटर लम्बी यह पाइपलाइन बनने के बाद तुर्कमेनिस्तान तीनों देशों की विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की जरूरत के लिए पर्याप्त गैस की आपूर्ति करेगा।
हालांकि उन्होंने समझौते की विस्तृत जानकारियों का खुलासा नहीं किया है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा कि अफगानिस्तान पाइपलाइन के निर्माण और संचालन के लिए पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराएगा।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि प्राकृतिक गैस की आपूर्ति से तीनों देशों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और इससे आतंकवाद से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।
खबरों के मुताबिक इस पाइपलाइन के जरिए तुर्कमेनिस्तान 33 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगा। इस परियोजना की लागत चार अरब डॉलर अनुमानित की गई है।
इस परियोजना का पर 1995 में विचार शुरू किया गया था तब इसे तुर्कमेनिस्तान से अफगानिस्तान और पाकिस्तान तक सीमित रखा गया था लेकिन वर्ष 2008 में भारत को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
तुर्कमेनिस्तान में दुनिया के चौथे सबसे ज्यादा गैस के भंडार हैं। यह रूस और चीन को गैस उपलब्ध करा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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