विवादास्पद बयान देकर घिरे दिग्विजय (राउंडअप)

सिंह ने कहा था कि 2008 में आतंकी हमले में शहीद होने से कुछ ही घंटे पहले करकरे ने उन्हें फोन पर बताया था कि चूंकि वह मालेगांव विस्फोट मामले की जांच कर रहे हैं, इसलिए उन्हें हिंदूवादी संगठनों से धमकी मिली है, क्योंकि इस मामले में कथित तौर पर कुछ हिंदूवादी समूह संलिप्त रहे हैं।

हेमंत करकरे की पत्नी कविता करकरे ने भी सिंह के बयान की आलोचना की है। कविता करकरे ने कहा, "मेरे पति की हत्या पाकिस्तानी आतंकियों ने की थी, दिग्विजय सिंह गलत बोल रहे हैं।"

कविता ने कहा, "मेरे पति की हत्या से किसी भी हिंदू संगठन का सम्बंध नहीं है। उनकी मौत को हिंदू संगठनों से खतरे के साथ न जोड़ा जाए। यह बयान लोगों को भ्रमित कर सकता है।"

भाजपा ने सिंह के इस बयान को आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को एक गम्भीर झटका करार दिया है और कहा है कि घोटालों का सामना कर रहे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की इस मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने की एक कोशिश है। भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिग्विजय सिंह के इस बयान पर स्पष्टीकरण भी मांगा।

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने सिंह के बयान की कड़ी अलोचना करते हुए कहा, "दिग्विजय सिंह के बयान से देश की सुरक्षा, आतंक के खिलाफ लड़ाई और मुम्बई हमले की जांच को गहरा झटका लगा है। सीमा पार के आतंकी पूरे मुम्बई हमले पर सवाल खड़ा करेंगे।" प्रसाद ने कहा कि सीमा पार के आतंकी इस बयान का फायदा उठाएंगे।

प्रसाद ने कहा कि सिंह का यह बयान सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "घोटालों से घिरी कांग्रेस और संप्रग की यह ध्यान बंटाने की एक कोशिश है। कांग्रेस खुद को गम्भीर रूप से असहाय पा रही है।"

भाजपा नेता ने कहा, "दिग्विजय सिंह ने आज सीमा पार के आतंकियों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने ऐसा पहली बार नहीं किया है.. बटला हाउस मुठभेड़ के बाद वह आरोपियों के परिजनों से मिलने आजमगढ़ गए थे। वह सीमा पार के आतंकियों की परोक्ष रूप से मदद कर रहे हैं।"

भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने शनिवार को दिग्विजय सिंह की टिप्पणी की जांच की मांग की।

राजनाथ ने संवाददाताओं से कहा, "करकरे ने उन्हें क्यों फोन किया?..और दिग्विजय सिंह इस मामले पर दो वर्ष तक चुप क्यों थे..दिग्विजय का यह बयान किसी बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि वह दिग्विजय के विरुद्ध जांच का आदेश दे।"

उन्होंने कहा, "यह सचमुच जांच का विषय है कि दिग्विजय ने किसी आधार पर ऐसा बयान दिया। हम केंद्र सरकार से तुरंत जांच की मांग करते हैं।"

भाजपा नेता ने कहा, "मैं करकरे जैसे राष्ट्रवीर की सत्यनिष्ठा पर कभी कोई सवाल नहीं उठा सकता।"

उधर, कांग्रेस ने अपने महासचिव की इस टिप्पणी को उनकी 'निजी' राय करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने संवाददाताओं से कहा, "दिग्विजय सिंह और हेमंत करकरे का मध्य प्रदेश से ताल्लुक होने के नाते वे दोनों एक-दूसरे को व्यक्तिगत रूप से जानते थे। उनके बीच निजी वार्ता भी होती थी। मैं मानता हूं कि सिंह ने यह टिप्पणी पार्टी प्रवक्ता के तौर पर नहीं दी है। निश्चित तौर पर पार्टी इस पर कोई टिप्पणी करना नहीं चाहती।"

द्विवेदी ने कहा कि सिंह ने करकरे के साथ हुई 'निजी बातचीत' को एक कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक किया, इसमें पार्टी की कोई भूमिका नहीं है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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