जलवायु समझौते का पर्यावरणविदों ने किया स्वागत
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के मुताबिक कार्यकर्ताओं ने पिछले वर्ष दिसम्बर में हुए कोपेनहेगेन की असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए देशों को कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के एक समझौते पर पहुंचने और इससे लड़ने के लिए गरीब देशों को धन मुहैया कराने के लिए उनकी प्रशंसा की।
'वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड' के गार्डन शेफर्ड ने कहा, "जनता के दबाव और आलोचना का सामना कर रहे देशों को कानकुन सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आम राय बनानी पड़ी। देशों ने एक नई सद्भावना और उद्देश्य का परिचय दिया है।"
देशों ने गरीब देशों को जलवायु परिवर्तन से सुरक्षा में मदद करने के लिए एक नए 'ग्रीन क्लाइमेट फंड' और एक अनुकूलन समिति का गठन किया है।
उधर, ग्रीनपीस के जलवायु नीति के निदेशक वेंडेल ट्रियो ने कहा, "कानकुन सम्मेलन ने एक गतिरोध को खत्म किया, लेकिन हमें अभी नतीजे पर पहुंचना है। अगले वर्ष डरबन की बैठक में हमें एक वैश्विक संधि की जरूरत है, ताकि देशों को एक हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण में मदद मिले और प्रदूषण फैलाने वालों को जिम्मेदार ठहराया जा सके।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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