नया टेप : राडिया ने राजा को मंत्री बनाने के लिए की थी गोलबंदी
पत्रिका ने कहा है कि यह टेप मई 2009 की है, जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को दोबारा जीत मिली थी। प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल बनाने पर विचार कर रहे थे। उसी समय तथाकथित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की भी चर्चा होने लगी थी।
पत्रिका के मुताबिक टेप में एक जगह राडिया को भारतीय उद्योग परिसंघ के तत्कालीन मुख्य मार्गदर्शक तरुण दास से यह कहते हुए साफ तौर पर सुना जा सकता है कि स्पेक्ट्रम आवंटन के तरीकों पर उठ रही उंगली के बाद भी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) अध्यक्ष एम. करुणानिधि राजा को उसके पोर्टफोलियों पर बनाए रखने पर अड़े हुए हैं।
यह टेप सर्वोच्च न्यायालय के पास मौजूद टेप का ही एक हिस्सा है। पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने इस टेप के प्रकाशन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।
पत्रिका ने राडिया को दास से यह कहते हुए प्रकाशित किया है कि करुणानिधि इसलिए राजा को चाहते हैं क्योंकि वह दलित हैं। उधर प्रधानमंत्री सिर्फ पूर्व जहाजरानी मंत्री टी. आर. बालू को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने पर अड़े हुए थे।
पत्रिका में कहा गया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री आत्महत्या करने की धमकी देने वाली अपनी बेटी और अपनी पत्नी के दबाव के बीच मजबूर थे।
राडिया ने दास से कहा कि वह कांग्रेस से बताए कि वह सिर्फ कणिमोझी से बात करे, जिसका करुणानिधि से सीधा संपर्क है और कांग्रेस को दयानिधि मारन से बिल्कुल भी बात नहीं करनी चाहिए। वह भी मंत्री पद के दावेदार हैं।
पत्रिका में कहा गया है कि पिछले खेप में सामने आए 140 टेप के बाद उसने 800 नए टेप हासिल किए हैं।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के इस तथाकथित घोटाले में जहां पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा को पद से हाथ धोना पड़ा है। वहीं संसद का काम-काज लगातार बाधित हो रहा है।
विपक्षी मामले की जांच संसदीय समिति से कराने की मांग पर अड़े हैं, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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