जगन के समूह ने राव पर लगाए आरोपों की आलोचना की
जगनमोहन के कट्टर समर्थक माने जाने वाले राज्य के पूर्व मंत्री पी. सुभाष चंद्र बोस ने कोंडा सुरेखा द्वारा रामचंद्र राव पर लगाए गए आरोपों की आलोचना की है।
बोस ने कहा कि वाईएसआर और राव के परिवारों में घनिष्ठता रही है और राव वाईएसआर के कार्यकाल में कभी किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे।
कांग्रेसी विधायक सुरेखा ने शुक्रवार को राव को दलाल कहा था और वाईएसआर की मृत्यु के लिए जिम्मेदार होने का उनके ऊपर आरोप लगाया था। उन्होंने एक खुले पत्र में कहा था कि केवीपी (राव इस नाम से लोकप्रिय हैं) ने सिंचाई के ठेके में पैसा बनाया है।
सुरेखा ने कहा कि केवीपी सुरक्षा सलाहकार के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे, जिसके कारण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में वाईएसआर की मृत्यु हुई।
उन्होंने केवीपी पर वाईएसआर के परिवार को विभाजित करने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने खुले पत्र में लिखा था कि राव वाईएसआर के भाई को एन. किरण कुमार रेड्डी के मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए शीर्ष कांग्रेसी नेताओं से मिलाने ले गए थे।
सुरेखा ने यह भी लिखा था कि वाईएसआर की मृत्यु के बाद वे बिना जगनमोहन को बताए 150 पार्टी विधायकों के हस्ताक्षर लेकर जगनमोहन को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के पास चले गए।
राव ने पिछले दिनों जगनमोहन द्वारा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की अवेहलना करने और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ मीडिया का इस्तेमाल करने के बाद जगन से खुद का अलग कर लिया।
इस बीच वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्य सभा सदस्य वी. हनुमंथ राव ने कहा कि राव और जगन के बीच आई दूरी के कारण सुरेखा ने यह आरोप लगाया है।
उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए राव को सलाह दी कि सुरेखा के भ्रष्टाचार के आरोप पर उन्हें सफाई पेश करनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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